पटना उच्च न्यायालय से भी पप्पू यादव को नही मिली राहत, उनकी पत्नी पहुंची पटना

0
98

32 साल पुराने केस में बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव को फिलहाल पटना उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है। पटना हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद पप्पू यादव उर्फ राजेश रंजन की याचिका पर शीघ्र सुनवाई करने के अनुरोध को दोबारा खारिज कर दिया है। पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर जल्दी सुनवाई के लिए मेंशन किया गया था।
दरअसल मधेपुरा जिला से जुड़े अपहरण के 32 साल पुराने एक मामले में मिली पप्पू यादव की जमानत को निचली अदालत ने रद्द कर दिया था, साथ ही उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट भी जारी किया था। इस आदेश को उन्होंने पटना हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। जन अधिकार पार्टी के प्रमुख के वकील ने इस मामले में शीघ्र सुनवाई की फिर से प्रार्थना की थी जिसे कोर्ट ने फिर से खारिज करते हुए कोई राहत नहीं दी। आपको बता दें पप्पू यादव गिरफ्तारी के बाद बिहार के सुपौल जिला स्थित एक जेल में बंद हैं।
उधर, पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर बिहार में सियासत जारी है। कोरोना संक्रमण के दौर में लोगों की सेवा करने के क्रम में 32 साल पुराने अपहरण के एक मामले में पप्पू यादव की गिरफ़्तारी के बाद अब उनकी पत्नी रंजीत रंजन सरकार को चुनौती देने के लिए पटना पहुंच गयी हैं और पप्पू यादव की तर्ज पर ही लोगों के बीच पहुंचीं।
मीडिया से बात करते हुए रंजीत रंजन ने कहा कि जहां से पप्पू जी की सेवा रुकी थी, वहीं से फिर से उसे शुरू करूंगी। जो भी संकट में होगा, जिसे भी कोरोना के इस दौर में मदद की जरूरत होगी मैं और पप्पू जी के समर्थक उन्हें पूरी मदद करेंगे। अगर सरकार को लगता है कि ये गलत है तो जो भी कदम उठाना है उठाए, लेकिन मुझे कोई डर नहीं है। इस वक्त पप्पू जी जैसे सेवा की जरूरत बिहार की जनता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here